पंजाब में इस समय मौसम लगातार बदलाव भरा बना हुआ है। कहीं बारिश ने किसानों को राहत दी है तो कहीं भारी वर्षा ने परेशानी भी खड़ी कर दी है। राज्य के प्रमुख शहरों—अमृतसर, लुधियाना और चंडीगढ़—में सोमवार को दिनभर बादलों का डेरा रहा और कई जगह बारिश की बौछारें भी देखने को मिलीं।
अमृतसर
अमृतसर में सुबह हल्की धुंध छाई रही और तापमान लगभग 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दोपहर तक आसमान पर घने बादल छा गए और बीच-बीच में बारिश होती रही। बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली लेकिन सड़कों पर जगह-जगह पानी भर गया।
लुधियाना
लुधियाना में सुबह से ही मौसम में नमी बनी रही। दोपहर बाद अचानक हुई बरसात से तापमान कुछ गिरा और लोगों को ठंडक का अहसास हुआ। किसानों ने बताया कि यह बारिश धान और मक्के की फसल के लिए उपयोगी है। हालांकि शहर के निचले इलाकों में पानी जमा होने से यातायात प्रभावित रहा।
चंडीगढ़
राजधानी चंडीगढ़ में सुबह बादलों और धूप का मिला-जुला असर देखने को मिला। दोपहर करीब 2 बजे के बाद हल्की बारिश शुरू हुई, जिसने मौसम को सुहाना बना दिया। दिन का अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस तक रहा।
राज्यभर में बारिश का असर
मौसम विभाग के अनुसार इस बार पंजाब में कुल मिलाकर औसत से करीब 4 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। कुछ जिलों जैसे मुक्तसर, बठिंडा और कपूरथला में बारिश सामान्य से कम रही, जबकि तरणतारन जैसे इलाकों में अधिक वर्षा हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि इस असमान बारिश से फसलों पर मिश्रित असर पड़ सकता है।
लुधियाना जिले ने इस बार औसत से 23 प्रतिशत अधिक वर्षा पाई है। यहाँ के किसानों का कहना है कि शुरुआती गर्मी और सूखे की स्थिति के बाद हुई यह बारिश उनके लिए राहत लेकर आई है। हालांकि अगस्त के महीने में वर्षा सामान्य से कुछ कम रही।
पथानकोट में बाढ़ का संकट
राज्य के उत्तरी जिले पथानकोट में भारी बारिश ने चिंता बढ़ा दी है। जंगलोट क्षेत्र में बादल फटने और तेज बरसात के कारण जलालिया और ऊझ नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ गया। इससे आसपास के लगभग दस गाँवों में पानी भर गया। खेतों में खड़ी फसल को नुकसान पहुँचा है और ग्रामीणों को परेशानी झेलनी पड़ी है। हालांकि जिला प्रशासन के अनुसार, बड़े पैमाने पर जनहानि नहीं हुई है।
पंजाब में बारिश ने जहाँ मौसम को सुहाना बनाया है वहीं कई क्षेत्रों में बाढ़ और जलभराव की समस्या भी खड़ी कर दी है। किसानों को धान और मक्के की फसल के लिए वर्षा लाभकारी लग रही है, लेकिन प्रभावित जिलों में नुकसान की भरपाई एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। सरकार ने राहत कार्य तेज कर दिए हैं और उम्मीद है कि आने वाले दिनों में मौसम संतुलित रहेगा।
