नई दिल्ली, 22 जनवरी 2026:
कांग्रेस हाईकमान ने आज स्पष्ट किया है कि पंजाब में नेतृत्व में बदलाव का कोई सवाल नहीं है। इसके साथ ही हाईकमान ने सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा है कि पार्टी से जुड़े मुद्दों को सार्वजनिक रूप से उठाने के बजाय केवल हाईकमान के मंच पर ही चर्चा की जाए।
आज एआईसीसी मुख्यालय में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की एक बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने की और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल, पंजाब प्रभारी महासचिव भूपेश बघेल, वरिष्ठ नेता अंबिका सोनी सहित अन्य नेता भी मौजूद रहे।
बैठक में पंजाब से प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, कांग्रेस महासचिव सुखजिंदर सिंह रंधावा, राणा के.पी. सिंह, विजयइंद्र सिंगला और डॉ. अमर सिंह शामिल हुए।
बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए, वेणुगोपाल ने कहा कि बैठक करीब तीन घंटे चली और पंजाब से उपस्थित प्रत्येक नेता ने अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि यह एक सकारात्मक बैठक रही, जिसमें पार्टी को मजबूत करने को लेकर विचार-विमर्श किया गया।
इस दौरान नेतृत्व को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में, उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पंजाब में नेतृत्व में बदलाव का कोई सवाल ही नहीं है।
उन्होंने कहा कि नेताओं को पूर्ण अनुशासन बनाए रखने और पार्टी से संबंधित मुद्दों पर मीडिया या सोशल मीडिया पर बयानबाजी से परहेज करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं, जिन मुद्दों पर चर्चा केवल पार्टी के आंतरिक मंचों पर ही की जानी चाहिए।
जबकि पंजाब से करीब 30 नेताओं द्वारा हाईकमान से मिलने का समय मांगे जाने संबंधी सवाल के जवाब में, वेणुगोपाल ने कहा कि प्रत्येक नेता अपनी व्यक्तिगत काबिलियत के आधार पर हाईकमान के किसी भी नेता से मिल सकता है। लेकिन, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की गुटबाजी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इसी तरह, वेणुगोपाल ने दलितों को प्रतिनिधित्व के मुद्दे पर कहा कि पार्टी एससी, एसटी तथा सामान्य वर्गों के आर्थिक रूप से कमजोर तबकों सहित समाज के हाशिये पर खड़े वर्गों को देश भर में उचित प्रतिनिधित्व देने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर भूपेश बघेल ने कहा कि चर्चाएं लगभग तीन घंटे चलीं। उन्होंने कहा कि पंजाब भर में यह जनभावना है कि लोग कांग्रेस को सरकार बनाते हुए देखना चाहते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि बैठक के दौरान यह स्पष्ट कर दिया गया है कि किसी भी प्रकार की गुटबाजी या अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
