अमेरिका के अलास्का प्रांत में बुधवार दोपहर एक भीषण भूकंप के झटकों ने लोगों में दहशत फैला दी। रिएक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 7.3 मापी गई। भूकंप के बाद प्रशासन ने तत्काल सुनामी की चेतावनी जारी कर दी, जिससे तटीय इलाकों में रह रहे लाखों लोगों को सतर्क कर दिया गया है। अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के मुताबिक, यह भूकंप दोपहर 12:37 बजे आया और इसका केंद्र सैंड पॉइंट से लगभग 87 किलोमीटर दक्षिण की ओर था।
भूकंप के बाद तुरंत सुनामी की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने तटवर्ती इलाकों को खाली करवाना शुरू कर दिया। करीब 7.5 लाख लोगों पर सुनामी का खतरा मंडरा रहा है। खासकर उन क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया गया है जो प्रशांत महासागर के किनारे स्थित हैं, जैसे दक्षिणी अलास्का, अलास्का प्रायद्वीप, किंग कोव, यूनिमक पास और कनाडियन एंट्रेंस तक के इलाके।
लोगों में दहशत का माहौल
जैसे ही जमीन हिली, लोग अपने घरों से बाहर की ओर भागते नजर आए। कई जगहों पर इमारतें हिलती महसूस की गईं। समुद्र के किनारे रहने वाले मछुआरे समुदाय पर इसका विशेष प्रभाव पड़ा है। प्रशासन ने अलास्का के उनालास्का क्षेत्र में लगभग 4100 मछुआरों को तट खाली करने का आदेश दिया है। वहीं, किंग कोव क्षेत्र में रहने वाले करीब 870 लोगों को भी तुरंत सतर्क कर दिया गया है।
अभी तक जानमाल के नुकसान की कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है, लेकिन प्रशासन और राहत टीमें प्रभावित क्षेत्रों में पहुंच चुकी हैं। सुनामी चेतावनी केंद्र लगातार समुद्र के जलस्तर पर नजर बनाए हुए है।
भूकंप के प्रति संवेदनशील है अलास्का
गौरतलब है कि अलास्का अमेरिका का सबसे ज्यादा भूकंप प्रभावित राज्य है। यहां 1964 में 9.2 तीव्रता का विनाशकारी भूकंप आ चुका है, जिसे अमेरिका के इतिहास का सबसे शक्तिशाली भूकंप माना जाता है। उस समय भी व्यापक स्तर पर तबाही मची थी।
बीते दो महीनों में अमेरिका में कई बार भूकंप के झटके महसूस किए जा चुके हैं। 16 जुलाई को टेक्सास में 1.8 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था, जबकि 23 जून को डेनाली बरो, एंकोरेज और अलास्का के अन्य हिस्सों में 4.0 तीव्रता के झटके महसूस किए गए थे।
प्रशासन सतर्क, राहत कार्य जारी
प्रशासन ने तटीय इलाकों में रह रहे लोगों से अपील की है कि वे अलर्ट रहें और ज़रूरत पड़ने पर ऊंचे इलाकों की ओर चले जाएं। राहत और बचाव टीमों को अलर्ट पर रखा गया है, जबकि अस्पतालों और इमरजेंसी सेवाओं को भी standby पर रखा गया है।
भूकंप और सुनामी जैसी प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में समय पर चेतावनी और कार्रवाई ही जनहानि को रोकने का एकमात्र रास्ता होता है। अलास्का के लोग, जो पहले भी ऐसी स्थितियों से गुजर चुके हैं, प्रशासन की गाइडलाइंस का पालन करते हुए फिलहाल सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं।
