सुखपाल खैरा के खिलाफ विधानसभा में विशेषाधिकार हनन के दो प्रस्ताव पास
पंजाब विधानसभा में गुरुवार को कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा के खिलाफ विशेषाधिकार हनन के दो अलग-अलग प्रस्ताव पेश किए गए। सदन में चर्चा के बाद दोनों प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई। ये प्रस्ताव आम आदमी पार्टी के मंत्रियों और विधायकों की ओर से खैरा के कथित बयानों को लेकर लाए गए थे।
वित्त मंत्री ने पेश किया पहला प्रस्ताव
पहला प्रस्ताव पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने पेश किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सुखपाल खैरा ने विधानसभा के विधायकों को “बंधुआ मजदूर” कहकर संबोधित किया। मंत्री के अनुसार यह टिप्पणी न केवल विधायकों का अपमान है, बल्कि इससे विधानसभा की गरिमा भी प्रभावित होती है। इसलिए इसे सदन के विशेषाधिकार का हनन माना गया।
महिला विधायक ने उठाया दूसरा मुद्दा
दूसरा प्रस्ताव महिला विधायक राजिंदर पाल कौर ने पेश किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को ₹1000 देने की योजना को लेकर सुखपाल खैरा द्वारा की गई टिप्पणी महिलाओं की गरिमा के खिलाफ है। उनका कहना था कि इस बयान से महिला विधायकों की भावनाएं आहत हुई हैं और ऐसे बयान स्वीकार नहीं किए जा सकते।
मामले को समिति के पास भेजने की संभावना
सदन ने दोनों प्रस्तावों को गंभीरता से लेते हुए उन्हें पास कर दिया। अब संभावना जताई जा रही है कि इस मामले को आगे की जांच और कार्रवाई के लिए विधानसभा की संबंधित समिति को भेजा जा सकता है। समिति पूरे मामले की समीक्षा करेगी और अपनी रिपोर्ट देगी।
सदन में हुई तीखी नोकझोंक
इस मुद्दे को लेकर विधानसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली। सत्ता पक्ष के विधायकों ने कहा कि किसी भी विधायक को ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए जिससे सदन की मर्यादा और सम्मान प्रभावित हो। वहीं विपक्ष ने भी अपने पक्ष में तर्क रखते हुए चर्चा में भाग लिया।
