पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ द्वारा दिए गए बयान पर कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने कड़ा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि अगर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष होने के बावजूद जाखड़ यह नहीं जानते कि मैं कौन हूं और वे पंजाब के जनप्रतिनिधियों से इतनी नफरत रखते हैं, तो फिर आम जनता के लिए उनका रवैया कैसा होगा, यह आसानी से समझा जा सकता है।
किसानों और बाढ़ पीड़ितों की मदद की मांग
मंत्री हरदीप मुंडियां ने कहा कि प्रधानमंत्री के पंजाब दौरे के दौरान उन्होंने और उनके सहयोगियों ने किसानों और बाढ़ पीड़ितों के लिए मदद की मांग की थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब इस समय भयंकर बाढ़ संकट से गुजर रहा है और ऐसे में पीड़ित परिवारों की मदद करना सरकार की पहली प्राथमिकता है।
आम परिवारों से उठकर पहुंचे मंत्री
मुंडियां ने कहा कि वह किसी राजनीतिक घराने से नहीं आते बल्कि एक आम परिवार से उठकर जनता के सहयोग से इस पद तक पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि क्षेत्र की जनता ने उन्हें अपना प्रतिनिधि चुनकर विधानसभा भेजा है, और यही कारण है कि वे हमेशा जनता के हितों की बात उठाते रहेंगे।
प्रधानमंत्री से की थी राहत पैकेज की मांग
कैबिनेट मंत्री ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पंजाब के लिए राहत राशि बढ़ाने और राज्य का हक देने की मांग की, तो भाजपा नेताओं को इससे आपत्ति हुई। मुंडियां ने कहा कि भाजपा के कई नेता, जिनमें प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ भी शामिल हैं, उनकी मांगों से असहज नजर आए।
‘भाजपा को पंजाब के हक की आवाज़ पसंद नहीं’
हरदीप मुंडियां ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा से यह साफ हो गया है कि भाजपा नेताओं को पंजाब के आम लोगों की आवाज़ और उनके हक की बात पसंद नहीं आती। उन्होंने कहा कि पंजाब के लिए अधिकार मांगना किसी अपराध से कम नहीं समझा जा रहा।
‘जाखड़ जैसी भाषा शोभा नहीं देती’
अंत में मंत्री ने कहा कि आम परिवारों से निकलकर आए नेताओं के लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करना, सुनील जाखड़ जैसे वरिष्ठ और अनुभवी नेता को शोभा नहीं देता। उन्होंने अपील की कि ऐसे मुश्किल समय में सभी दलों को मिलकर पंजाब और उसके लोगों की मदद करनी चाहिए, न कि एक-दूसरे पर छींटाकशी करनी चाहिए।
